सोमवार, 5 दिसंबर 2022

आंजुर भरि फूल

फूलक सिनेह आई छई ककरा प्रति
रंग सुगंध आई छई जकरा  प्रति
हेतई समर्पित आई ओ तकरा प्रति


ठाम ठाम ढेरिआयल रहय धान
खरिहान में
बैसल रहय गोबराहा बाबा

गोबरौरक कपाड
आ की
गेनाक थोंका बेसम्हार
सितायल, कठुआयल
खरिहानक नार-पुआर

टीक पर घोंपल गेना महान
कन्हुआ क दय छय तान
बूडले रहतह तोहर कपाड
देखहक ने  ढेरीक नीचामे पडल
छय आंजुर भरि
सिंगरहार

गोबराहा बाबौवाचः
तू गेना, गोबरक ढ़ेरी ऊपर
फूल ओ सुच्चा निच्चा परल
 हुब्बा ककर करतौ तोहर परतर
ओकरा निच्चासन तोरा टीकासन





फ़ॉलोअर