फूलक सिनेह आई छई ककरा प्रति
रंग सुगंध आई छई जकरा प्रति
हेतई समर्पित आई ओ तकरा प्रति
ठाम ठाम ढेरिआयल रहय धान
खरिहान में
बैसल रहय गोबराहा बाबा
गोबरौरक कपाड
आ की
गेनाक थोंका बेसम्हार
सितायल, कठुआयल
खरिहानक नार-पुआर
टीक पर घोंपल गेना महान
कन्हुआ क दय छय तान
बूडले रहतह तोहर कपाड
देखहक ने ढेरीक नीचामे पडल
छय आंजुर भरि
सिंगरहार
गोबराहा बाबौवाचः
तू गेना, गोबरक ढ़ेरी ऊपर
फूल ओ सुच्चा निच्चा परल
हुब्बा ककर करतौ तोहर परतर
ओकरा निच्चासन तोरा टीकासन